मेरा परिचय

प्रशंसक

शनिवार, 20 फ़रवरी 2010

स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए खुशखबरी

स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों का शोषण किया जाना कोई नयी बात नहीं है। उच्चा शिक्षित होने के बावजूद ये शिक्षक रोज़गार के अवसरों की कमी के कारण कम वेतन पर पढ़ाने को मजबूर हैं। लेकिन ऐसे शिक्षकों के लिए अब खुशखबरी है। इलाहबाद हाई कोर्ट ने एक फैसले में स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के बराबर न्यूनतम वेतनमान देने का आदेश दिया है। इस आशय की खबर जो समाचारपत्र में प्रकाशित हुई उसकी कटिंग नीचे दी गयी है। में स्वयं एक शिक्षिका हूँ। इसलिए इस खबर की महत्ता को समझ सकती हूँ और इसीलिए इसे अपने ब्लॉग पर लिख रही हूँ ताकि ऐसे सभी शिक्षक अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें।


1 टिप्पणी:

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

यह सत्य की विजय है,अब सत्य केवल न्याय -पालिका के ही भरोसे है.
सभी को बहुत बधाई..